राज कपूर के संस्मरण लॉन्चिंग पर भावुक हुए रणधीर कपूर, भाइयों को याद कर कहा- 'मैंने दो हाथ खो दिए'

हाल ही में, दिग्गज अभिनेता रणधीर कपूर अपने दिवंगत भाइयों ऋषि कपूर और राजीव कपूर को याद कर भावुक हो गए। आइए आपको इसके बारे में बताते हैं।

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By Shivakant Shukla Last Updated:

राज कपूर के संस्मरण लॉन्चिंग पर भावुक हुए रणधीर कपूर, भाइयों को याद कर कहा- 'मैंने दो हाथ खो दिए'

दिग्गज अभिनेता रणधीर कपूर (Randhir Kapoor) अपने दिवंगत पिता राज कपूर (Raj Kapoor) पर हाल ही में जारी संस्मरण का प्रमोशन करते हुए भावुक हो गए और कहा कि, वह इस विशेष अवसर पर अपने दिवंगत छोटे भाइयों, ऋषि कपूर और राजीव कपूर को बहुत याद कर रहे हैं। आइए आपको इसके बारे में बताते हैं। 

raj kapoor

दरअसल, 14 दिसंबर 2021 को सदाबहार अभिनेता राज कपूर की 97वीं जयंती के मौके पर 'राज कपूर: द मास्टर एट वर्क' शीर्षक वाला संस्मरण जारी किया गया। इस इवेंट में शामिल राज कपूर के बड़े बेटे व एक्टर रणधीर ने न्यूज एजेंसी 'एएनआई' को बताया कि, "मैं बहुत करीबी परिवार से आता हूं, और मैं अपने दो भाइयों के बेहद करीब था और मेरे पिता की मृत्यु के बाद, मैंने  आरके (ऋषि कपूर और राजीव कपूर) की जिम्मेदारी ली थी और मेरे दो भाई मेरे दो हाथ थे, मेरा बायां हाथ और मेरा दाहिना हाथ।"

kapoor brothers

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उन्होंने आंसू बहाते हुए कहा, "मुझे यह कहते हुए बहुत दुख हो रहा है कि, मैंने दोनों को खो दिया है। मैंने अपने दोनों हाथ खो दिए हैं और यह नुकसान कभी पूरा नहीं होगा...।" विरासत के बारे में बोलते हुए रणधीर ने कहा, ''यह हमेशा उनके भतीजे रणबीर कपूर, बेटियों करीना कपूर खान और करिश्मा कपूर और आने वाली पीढ़ियों द्वारा जारी रखा जाएगा।''

randhir kapoor

74 वर्षीय अभिनेता ने पिछले कुछ वर्षों के दौरान हुई घटनाओं को भी याद किया, जिसमें सबसे दुखद क्षण भी शामिल हैं। आरके स्टूडियो जो सितंबर 2017 में भीषण आग में नष्ट हो गया था। इस बारे में बात करते हुए रणधीर ने कहा, "मेरे पास अभी मेरे पिता का एक भी स्मारक नहीं है, उनके सभी प्रमाण पत्र, पुरस्कार, उस भीषण आग में सब कुछ जल गए थे। हमने उनका सामान दिखाने के लिए बहुत ही खास तरीके से सब कुछ डिजाइन किया था, लेकिन कुछ भी नहीं बचाया जा सका था।" 

rk film studio

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उन्होंने आगे कहा, "मेरे पास सिर्फ एक क्रॉकरी सेट है, जो वो साल 1956 की फिल्म 'जागते रहो' के सेट से मेरे लिए लेकर आए थे, क्योंकि वह मेरे ऑफिस में था, और मेरा ऑफिस बच गया था, लेकिन जो होना था, वो हो गया... उनका स्थान नहीं भरा जा सकता।" ध्यान रहे कि, कपूर परिवार ने बाद में प्रतिष्ठित 'आरके फिल्म्स और स्टूडियो' को बेचने का फैसला किया, जिसे महान अभिनेता राज कपूर ने लगभग 70 साल पहले 1948 में भारत को स्वतंत्रता मिलने के एक साल बाद बनाया था।

randhir kapoor with brothers

राज कपूर का संस्मरण 'राज कपूर: द मास्टर एट वर्क' अनुभवी फिल्म निर्माता राहुल रवैल द्वारा लिखा गया है। इस संस्मरण में रवैल उन यादों को जीवंत करते हैं, जिन्होंने दिवंगत महान अभिनेता को भारतीय सिनेमा का 'महानतम शोमैन' बनाया था।

raj kapoor

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फिलहाल, रणधीर कपूर, पांच भाई बहनों में अब अकेले बचे हैं, ऐसे में उन्हें अपने बहन और भाइयों की याद आना लाजमी है। तो, कपूर फैमिली के बारे में आपकी क्या राय है? हमें कमेंट करके जरूर बताएं, साथ ही हमारे लिए कोई सलाह हो तो अवश्य दें। 

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